Schedule of Indian Constitution भारतीय संविधान की अनुसूची- Hindi

Schedule of Indian Constitution: Hello Friends आज के इस Article में हम जानेंगे की हमारे भारतीय संविधान के अनुसूचियों के बारे में जिससे हम हमारे संविधान से सम्बंधित प्रश्नों का सही उत्तर दे सके।

Schedule of Indian Constitution

Schedule of Indian Constitution

हम सभी भारतीय है और हमें हमारे संविधान के बारे में लगभग सभी जानकारी होनी चाहिए और साथ ही जब हम Competitive Exams की Preparation करते हैं तब भी हमें हमारे संविधान से सम्बंधित बहुत सारे प्रश्न Exams में मिल जाते हैं। जिनमे अनुसूची से सम्बंधित प्रश्न अधिक होते हैं इसलिए आज हम आपको 12 अनुसूची के बारे में आपको बता रहे हैं।

Important Information About of  Schedule of Indian Constitution

Indian Constitution

प्रथम अनुसूची (First Schedule of Indian Constitution)

इसमें भारतीय संघ के घटक राज्यों (28 राज्य) एवं संघ शासित (सात) क्षेत्रों का उल्लेख है।

Note: संविधान के 69वें संशोधन के द्वारा दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का दर्जा दिया गया है।

दूसरी अनुसूची (Second Schedule of Indian Constitution)

इसमें भारतीय राज-व्यवस्था केविभिन्न  पदाधिकारियों (राष्ट्रपति, राजयपाल, लोकसभा के अध्यक्ष, विधान परिषद् के सभापति एवं उपसभापति, विधानसभी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, विधान परिषद् के सभापति एवं उपसभापति, विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, विधान परिषद् के सभापति एवं उपसभापति, उच्चतम न्यायलय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों और भारत के नियंत्रक महालेख परीक्षक आदि) को प्राप्त होने वाले वेतन, भत्ते और पेंशन आदि का उल्लेख किया गया है।

तृतीय अनुसूची (Third Schedule of Indian Constitution)

इसमें विभिन्न पदाधिकारियों (राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, मंत्री, उच्चतम एवं उच्च न्यायलय के न्यायाधीशों) द्वारा पद-ग्रहण के समय ली जाने वाली शपथ का उल्लेख है।

चौथी अनुसूची (Fourth Schedule of Indian Constitution)

इसमें विभिन्न राज्यों तथा संघीय क्षेत्रों की राजयसभा में प्रतिनिधित्व का विवरण दिया गया है।

पांचवी अनुसूची (Fifth Schedule of Indian Constitution)

इसमें विभिन्न अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजाति के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में उल्लेख है।

छठी अनुसूची (Sixth Schedule of Indian Constitution)

इसमें असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों के जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के बारे में प्रावधान है।

सातवीं अनुसूची (Seventh Schedule of Indian Constitution)

इसमें केंद्र एवं राज्यों के बीच शक्तियों के बँटवारे के बारे में दिया गया है। इसके अंतर्गत तीन सूचियाँ हैं- संघ सूचि, राज्य सूचि एवं समवर्ती सूचि।

  • संघ सूचि- इस सूचि में दिए गए विषय पर केंद्र सरकार कानून बनती है। संविधान के लागू होने के समय इसमें 97 विषय थे, वर्तमान समय में इसमें 98 विषय है।
  • राज्य सूचि- इस सूचि में दिए गए विषय पर राज्य सरकार कानून बनती है। राष्ट्रिय हिट से सम्बंधित होने पर केंद्र सरकार भी कानून बना सकती है। संविधान के लागू होने के समय इसके अंतर्गत 66 विषय थे, वर्तमान समय में इसमें 62 विषय हैं।
  • समवर्ती सूचि- इसके अंतर्गत दिए गए विषय पर केंद्र एवं राज्य दोनों सरकारें कानून बना सकती है। परंति कानून के विषय सामान होने पर केंद्र सर्कार द्वारा बनाया गया कानून ही मान्य होता है। राज्य सरकार द्वारा बनाया गया कानून केंद्र सरकार द्वारा कानून बनाने के साथ ही समाप्त हो जाता है। संविधान के लागू होने के समय समवर्ती सूचि में 47 विषय थे-वर्तमान समय में इसमें 52 विषय हैं।

नोट: समवर्ती सूचि का प्रावधान जम्मू-कश्मीर राज्य के सम्बन्ध में नहीं है।

आठवीं अनुसूची (Eighth Schedule of Indian Constitution)

इसमें भारत की 22 भाषाओँ का उल्लेख किया गया है। मूल रूप से आठवीं अनुसूची में 14 भाषाएँ थीं, 1967 ई. में सिंधी को और 1992 ई. में कोंकणी मणिपुरी तथा नेपाली को आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया। 2004 ई. में मैथिली, संथाली, डोगरी एवं बोडो को आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था।

नौंवीं अनुसूची (Ninth Schedule of Indian Constitution)

संविधान में यह अनुसूची प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम, 1951 के द्वारा जोड़ी गयी। इसके अंतर्गत राज्य द्वारा संपत्ति के अधिग्रहण की विधियों का उल्लेख किया गया है। इस अनुसूची में सम्मिलित विषयों को न्यायलय में चुनौती नहीं दी जा सकती है।

नोट- अब तक यह मान्यता थी की संविधान की नौवीं अनुसूची में सम्मिलित कानूनों की न्यायिक समीक्षा नहीं की जा सकती है। 11 जनवरी, 2007 के संविधान पीठ के एक निर्णय द्वारा चुनौती दी जा सकती है कि वह मौलिक अधिकारो का उल्लंघन करता है तथा उच्चतम न्यायलय इन कानूनों की समीक्षा कर सकता है।

दसवीं अनुसूची (Tenth Schedule of Indian Constitution)

यह संविधान में 52वें संवैधानिक संशोधन (1985) के द्वारा जोड़ी गयी है। इसमें दल-बदल से सम्बंधित प्रावधान का उल्लेख है।

ग्यारहवीं अनुसूची (Eleventh Schedule of Indian Constitution)

यह अनुसूची संविधान में 73वें संवैधानिक संशोधन (1993) के द्वारा जोड़ी गयी है। इसमें पंचायतीराज संस्थाओं को कार्य करने के लिए 29 विषय प्रदान किये गए हैं।

बारहवीं अनुसूची (Twelve Schedule of Indian Constitution)

यह अनुसूची संविधान में 74वें संवैधानिक संशोधन (1993) के द्वारा जोड़ी गयी है। इसमें शहरी क्षेत्र की स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को कार्य करने के लिए 18 विषय प्रदान किये गए हैं।

In Conclusion

हमें उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लिए Useful होगी और अब आपको भारतीय संविधान के अंदर 12 अनुसूचियों का ज्ञान हो गया होगा।

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